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पांच साल के बचà¥â€à¤šà¥‡ को सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने से फायदा होता है या नà¥à¤•सान?
कहते हैं कि शिशॠके लिठमां का दूध अमृत के समान होता है, लेकिन अगर अधिक उमà¥à¤° तक बचà¥â€à¤šà¥‡ को सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाया जाठतो कà¥â€à¤¯à¤¾ तब à¤à¥€ शिशॠको इसके फायदे मिलते हैं?
शिशॠके लिठ6 महीने की उमà¥à¤° तक मां का दूध सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी होता है। 6 माह तक शिशॠके पोषण का à¤à¤•मातà¥à¤° जरिया सिरà¥à¤« मां का दूध ही होता है। इसके बाद शिशॠको ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥‚ किया जाता है और मां के दूध पर उसकी निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ कम होती चली जाती है। कहते हैं कि à¤à¤• साल की उमà¥à¤° तक बचà¥â€à¤šà¥‡ को मां का दूध पिलाना चाहिà¤, लेकिन कà¥à¤› मांà¤à¤‚ इसके बाद à¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¥‡ को दूध पिलाना जारी रखती हैं।
कà¥à¤› मांà¤à¤‚ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को 6 महीने या à¤à¤• साल के बाद ही दूध पिलाना बंद कर देती हैं जबकि कà¥à¤› 3, 4 या यहां तक कि पांच साल की उमà¥à¤° तक दूध पिलाती हैं। लगà¤à¤— 25 फीसदी महिलाà¤à¤‚ अपने बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को 24 महीने या इससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक अपना दूध पिलाती हैं। विशà¥â€à¤µ सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ संगठन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 6 महीने तक ही शिशॠको मां का दूध पिलाना चाहिठऔर इसके बाद दो साल की उमà¥à¤° तक उसे धीरे-धीरे ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥‚ करना चाहिà¤à¥¤
लंबे समय तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के फायदे
यदि आप दो साल की उमà¥à¤° के बाद à¤à¥€ अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को दूध पिलाती हैं तो इससे मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ को कई फायदे मिलते हैं।
पोषण मिलता है : कई लोगों को मानना है कि लंबे समय तक शिशॠकाे दूध पिलाने से कोई जरूरी पोषण नहीं मिलता है जबकि ये पूरा सच नहीं है। मां के दूध में मौजूद कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फैट, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिन ठऔर अनà¥â€à¤¯ पोषण ततà¥â€à¤µ होते हैं जो बचà¥â€à¤šà¥‡ के विकास में मदद करते हैं और वो जो à¤à¥€ खाते हैं, उसके लाठको दोगà¥à¤¨à¤¾ करने में à¤à¥€ मदद करते हैं।
शिशॠसà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहता है : माना जाता है कि बचà¥â€à¤šà¤¾ जितने लंबे समय तक मां का दूध पीता है, वो बीमारियों से उतने ही अधिक समय तक बचा रहता है। इन बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£ और शà¥â€à¤µà¤¸à¤¨ मारà¥à¤— के ऊपरी हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा कम पाया जाता है। मां का दूध बीमारियों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ बचà¥â€à¤šà¥‡ की इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी को बढ़ाता है।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• का विकास : शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• का विकास लगà¤à¤— 3 साल की उमà¥à¤° तक हो जाता है और बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• इस विकास को बढ़ावा देता है। 2011 में हà¥à¤ˆ à¤à¤• सà¥â€à¤Ÿà¤¡à¥€ वेसà¥â€à¤Ÿà¤°à¥à¤¨ ऑसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी कोहोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अधिक समय तक मां का दूध पीने वाले बचà¥â€à¤šà¥‡ पढ़ाई में तेज थे। इस सà¥â€à¤Ÿà¤¡à¥€ में सà¥â€à¤•ूल जाने वाले 10 साल की उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को शामिल किया गया था।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ कैंसर का खतरा : कई रिसरà¥à¤šà¥‹à¤‚ और अधà¥â€à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में सामने आया है कि सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से बचà¥â€à¤šà¥‡ ही नहीं बलà¥à¤•ि मां को à¤à¥€ कई लाठमिलते हैं। सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने से महिलाओं में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ कैंसर, ओवरी कैंसर और à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
वेट कंटà¥à¤°à¥‹à¤² : पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के बाद महिलाओं का वजन काफी बढ़ जाता है और शिशॠकी परवरिश में उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने का समय ही नहीं मिल पाता है। सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने में कैलोरी लगती है जो कि पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से वजन घटाने में मददगार है।
आपको अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को किस उमà¥à¤° तक सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना है, ये पूरी तरह से आपका निरà¥à¤£à¤¯ होना चाहिà¤à¥¤ हालांकि, इतना कहा जा सकता है कि लंबे समय तक दूध पिलाना बचà¥â€à¤šà¥‡ को फायदा ही पहà¥à¤‚चाता है।
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